लेख/मंथन

गौ रक्षक बने नरभक्षक: गाय के नाम पर इंसानों को मार डालने वाली हिंदुत्व की यह कैसी विचारधारा है/ लेखक: अमित अंबेडकर

हिन्दुत्व विचारधारा का गाय के बहाने एक समुदाय.पर सुनियक्षा के नाम पर लोगो की जान लेने वाले लोग हिन्दुत्व की विचारधारा से है। इस विचारधारा में एक समुदाय के लिए नफरत भरा जाता है। इस विचारधारा से जुडे़ लोगो के निशाने पर मुसलमान रहा है,जो कभी आतंकवाद तो कभी  लवजेहाद के नाम पर मारे जाते रहें है अब गाय के बहाने मुसलमानो को मार कर उस समुदाय के अन्दर भय का माहौल पैदा किया जा लहा है।
हिन्दुत्व विचारधारा वाले गाय मारने पर राष्ट्द्रोह और फासी की मांग कर रहें हैं लेकिन इस देश में रह रहे मुसलमान और दलित को मारना उनके लिए गौरव की बात है। इस विचारधारा से जुडे लोगो का लोकतंत्र में विस्वास नही है या तो वो लोकतंत्र को मानते ही नही है। क्या लोकतंत्र में किसी को मारकर उसे जायज ठहराया जा सकता है,आखिर पुलिस प्रशासन और सरकार की वो कौन सी मज़बूरी है जो इन लोगो पर कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जाती है जिसके कारण ऐसे लोगो का हौसला और बड़ जाता है। 
पिछले हप्ते यूपी के जिला बहराइच में एक ब्राह्मण अधिकारी के फार्म हाऊस में सैकडो़ गाय की लाश बरामद हुई उसके बावजूद वहा पर किसी हिन्दूवादी संगठन का विरोध प्रदर्शन न करना सवाल खडा़ करता है की क्या बहराइच में मिली लाश गाय के नही थे।

बरहाल गौरक्षको के हमले में बुरी तरह घायल बीबीसी से बात करते हुए बताया की हमलावरों ने पहले उन लोगो की बेरहमी से पिटाई की और इसके बाद वो हमें जिन्दा जलाने की तैयारी कर रहे थे। पीड़ित व्यक्ति ने बताया की अगर पुलिस समय पर नही पहुँचती तो वो हमें डीजल डालकर जिन्दा जला देते। पीड़ित ने अस्पताल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए।
अलवर में गौरक्षको के हमले में घायल हुए अजमत ने कहा की हम डेयरी का काम करते है। कुछ गाय बिकने की वजह से हम जयपुर में भेंस खरीदने गए थे।लेकिन भैस महंगी होने की वजह से हमारे पास एक लाख रूपए कम पड़ गए।इसलिए हमने पास में लगे सरकारी मेले से गाय खरीदने का फैसला किया।हमने वहां से गाय खरीदी और सारे कागजात बनवाकर हम गाय लेकर चल दिए।
अजमत ने बताया हमने एक हजार रूपए देकर कागजात बनवाये थे।लेकिन जैसे ही हम बहरोड़ के पास पहुंचे तभी कुछ लोगो ने हमारी गाडी पर हमला कर दिया। उन्होंने हमें गाडी से बाहर खींचा और मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने हम सबको बड़ी बेरहमी से पीटा वो लाठी डंडे, पत्थर , लात, घुसो से हमें मार रहे थे मृतक पहलु खान को भी लोग बेरहमी से पिट रहे थे।
अजमत ने बताया की उन लोगो की पिटाई से वो कुछ देर में ही बेहोसी की हालत में चला गया। लेकिन उसको थोडा थोडा याद है की वो हम सबको एक जगह खींचकर ले गए और डीजल डालकर जलाने की तैयारी करने लगे। लेकिन तभी पुलिस आ गयी। मुझे रात को एक बजे होश आया तो मैंने अपने आप को पड़ोस के ही कैलाश अस्पताल में भर्ती पाया। अजमत ने आरोप लगाया की अस्पताल प्रशासन ने उनके साथ ठीक रवैया नही अपनाया,अस्पताल वालो ने 35 रूपए वाले बेड के हमसे 5000 रूपए वसूले,हमारे इलाज में भी लापरवाही बरती जिसकी वजह से पहलु खान की मौत हो गयी।
इस पूरे मामले में राजस्थान पुलिस का रवैया काफी गंम्भीर रहा है जो आरोपी के पक्ष में खडे़ रहें। मामले के तूल पकड़ने के बाद आरोपीयो की गिरफ्तारी और तलाश की जा रही है। और एक समुदाय में भय बनाया  जा रहा है ।

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