शिक्षा/रोज़गार

मार्डन सैक्यूलर स्कूल खोलकर बच्चों की नीव़ मज़बूत की जायेगी: कुलपति AMU

अलीगढ़ 27.4.2017ः सर सैयद के दौर में जो हालात थे अब भी लगभग वैसे ही हालात हैं ऐसे मे सर सैयद के दूरदृस्ठि पर ध्यान देने की आवश्यक्ता है। सर सैयद की विचारधारा के अनुसरण में मार्डन सैक्यूलर स्कूल खोले जायेंगे जिसमे बच्चों की नीव दृढ़ हो सके।

यह विचार अमुवि कुलपति ले० जरनल जमीरउद्दीन शाह ने इण्डिया इस्लामिक कलचरल सेन्टर, दिल्ली के कान्फ्रेन्स हाल में बुद्धिजीवियों के सम्मेलन में व्यक्त किये। इस प्रोग्राम का आयोजन ‘‘वर्तमान सामाजिक परिदृष्य’’ की चिन्ताओं और समाधान पर चर्चा करने के लिये इन्टलेक्चुअलस फोरम फॉर पीस बिल्डिंग संस्था द्वारा किया गया था।हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए क्लिक करें

ले० जनरल शाह ने कहा कि स्कूली सतह पर बच्चों की नींव दृढ़ होगी तो वह भविष्य में तरक्की कर सकेंगे। बेशक मदरसो ने मस्लिमों को शिक्षा देने मे अहम रोल अदा किया है परन्तु अब समय आ गया है कि मदरसो मे बदलाव लाया जाये। 1870 में सर सैयद ने भी सोचा था कि अंग्रेज अब कयामत तक यहां से नहीं जाने वाले। ऐसे मे उन्हांने जिस सोच के साथ कौम के लिए काम किया उसकी भूमिका आज महत्वपूर्ण हो गयी है। उन्होंने कहा कि बोहरा मुस्लिम समुदाय ने किस तरह स्वयं को संगठित किया है उससे सीख लेने की जरूरत है।

जनरल शाह ने कहा कि अंग्रेजो ने यूनिवसिर्टी एक्ट मे कैद लगा दी थी कि 15 मील से आगे जा कर काम नहीं किया जा सकता इस बात का अफसोस है कि हमारे अपने ही इस को ढाल बनाकर बाहर के सेन्टर और स्कूलों के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। यदि ए०एम०यू० से सहयोग नहीं मिलेगा तब भी हम मार्डन सैक्यूलर स्कूल खोलेंगे जिनकी बुनियाद इस्लामी रब्बयों पर होगी। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री हर साल दस स्कूल खोलने के लिये दस करोड़ अनुदान देने को तैयार थी। वर्तमान परिदृष्य मे स्कूलिंग शिक्षा को दृढ़ता प्रदान करना हमारा लक्ष्य है जिसे पूरा करने के लिये हर प्रयत्न किया जायेगा। डॉ० परवेज अहमद ने अध्यक्षता की एवं संचालन अध्यक्ष खाजा अहमद ने किया। इस अवसर पर इग्नू के कुलपति प्रोफेसर मोहम्म्द असलम, फिरोज़ बख्त अहमद, सिराज कुरैशी, अरशद गाज़ी, अमुवि मीडिया सलाहकार डॉ० जसीम मोहम्मद मुख्य रूप से उपस्थित थे।

(डॉ० जसीम मोहम्मद)

09997063595

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