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AMU: मुस्तफा ज़ैदी ने सह:सम्मान पुनः पद ग्रहण किया

  • डिपार्टमेंट ऑफ़ लाइब्रेरी एंड इनफार्मेशन साइंस, अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मामला।
  • तत्कालीन कुलपति व ई सी ने मुस्तफा ज़ैदी को अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया था। हाई कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया था
  • मुस्तफा जैदी की सस्पेंशन की अवधि उनकी ड्यूटी में जोड़ा जायेगा तथा उनकी पूरी तनख्वाह और भत्ते भी मिलेंगे।

अलीगढ: अलीगढ मुस्लिम विश्विद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ़ लाइब्रेरी एंड इनफार्मेशन साइंस के एसोसिएट एवं अमुटा के सचिव प्रोफेसर श्री मुस्तफा जैदी को पुनः पद ग्रहण करने का आदेश आज जारी हुआ हैI

बता दें की अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी ने गलत तरीके से एडमिशन, प्रमोशन विश्विद्यालय की ज़मीन एवं पूर्व कुलपति की गलत नीतियों एवं कार्यों के खिलाफ 2015 में धरना दिया था।

13 अक्टूबर 2015 को सचिव मुस्तफा जैदी धरना स्थल पर मौजूद थे तभी पूर्व कुलपति ज़मीरुद्दीन शाह ने उनकी कक्षा में चेकिंग की और उन्हें गैर हाज़िर पाया।

सूत्र बताते हैं की ये चेकिंग एक प्लानिंगके तहत की गयी ताकि मुस्तफा जैदी को फब्सा कर उनकी और अमुटा की आवाज़ को दबाया जा सके।

20 अक्टूबर को EC की विशेष बैठक के बाद उन्हें कारन बताओ नोटिस जरी किया गयाI ECने पूर्व कुलपति को मुस्तफा जैदी के खिलाफ फैसला लेने के लिए अधिकृत कियाI २३ अक्टूबर को जवाब देने क लिए बुलाया।जवाब से असंतुष्ट होकर पूर्व कुलपति ने उन्हें निलंबित कर दिया।

29 अक्टूबर को मुस्तफा जैदी को अनिवार्य सेवानिवृति दे दिया गया, उसके बाद EC ने उनको अपने नाम के आगे अमुटा सचिव लिखने पर भी नोटिस दिया।

अनिवार्य सेवानिवृति के फैसले को मुस्तफा जैदी ने हाई कोर्ट इलाहबाद में चुनौती दी, कोर्ट ने 6 अप्रैल 2017 को अमुवि प्रशाशन के फैसले को रद्द कर दिया, तत्पश्चात मुस्तफा जैदी ने 7 अप्रैल को हाई कोर्ट के आर्डर की कॉपी लेकर लाइब्रेरी साइंस के पूर्व विभागाध्यक्ष के पास पहुंचे लेकिन उन्होंने ने ज्वाइन करने से मना कर दियाI सूत्रों से पता चला है की मुस्तफा जैदी ने हाई कोर्ट की अवहेलना का मुकदमा भी दयार किया।

इस बीच अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी ने राष्ट्रपति, मानव संसाधन मंत्रालय तथा अन्य सरकारी विभागों में तत्कालीन कुलपति के असंवैधानिक नीतियों, कार्यों एवं वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ पत्र लिखकर शिकायत भी किया।

राष्पति ने 5 सदस्यों क एक टीम का गठन करके हल ही में अमुवि का ऑडिट भी कराया जिसमे तमाम अनिय्मितात्ये पाई गयींI अमुटा ने ऑडिट टीम का स्वागत किया और तमाम शिकायती भी सौंपीं जिसपर टीम ने जांच करने का आश्वासन भी दिया।

मुस्तफा जैदी का कहना है की पूर्व कुलपति जनरल ज़मीरुद्दीन शाह ने अपने कार्यकाल में अपने ही मन की बात पूरी करते रहे , उन्हें अगर किसी ने उनके गलत कार्यों के बारे में बताया तो उसी के खिलाफ कार्रवाई कर दी।

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