शिक्षा/रोज़गार

​ज़्यादा फण्ड देने की AMU-VC की केंद्र से गुज़ारिश,एलुमनाई से भी की सहयोग की मांग

नई दिल्ली- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) अपने कई प्रोग्राम्स फण्ड की कमी की वजह से नहीं शुरू कर पा रही। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर तारीक़ मंसूर ने ये बात मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्विद्यालय में  एमयू के पूर्व छात्रों के संघटन द्वारा आयोजित रोज़ा इफ़्तार और स्वागत समारोह में प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि ” हालांकि हमे फण्ड मिल रहे हैं सरकार से लेकिन, हम लोग सरकार से कहेंगे कि और फण्ड हमे दिए जाएं क्योंकि कई प्रोग्राम्स हम नहीं ला पा रहे और इसके लिए हम प्लान देंगे सरकार को”. 

प्रोफेसर मंसूर के मुताबिक एलुमनाई यानी पूर्व छात्र यूनिवर्सिटी का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नेटवर्क पूरी दुनिया मे फैला है। दून स्कूल, सेंट स्टीफेंस के एलुमनाई का अच्छा नेटवर्क है और वो अपने इंस्टिट्यूशन को बहुत सहयोग करते हैं। प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि उनका एक अहम मक़सद ओल्ड बॉयज यानी एलुमनाई के नेटवर्क को मजबूत करना है। एलुमनाई और दूसरे लोग भी सहयोग करें ताकि AMU आर्थिक तौर पर ज़्यादा से ज़्यादा खुद पर निर्भर हो सके।
प्रोफेसर मंसूर के मुताबिक, ” AMU का कॉर्पस 65 करोड़ है । BHU का कॉर्पस फण्ड 2200 करोड़ का है। मैं चाहता हूँ कि AMU का कॉर्पस जल्द से जल्द, कम से कम 100 करोड़ कर दूं। इसके लिए में भारत और विदेश में रहने वाले AMU एलुमनाई से अपील करता हूँ कि वो सहयोग करें”.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्विविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों को एक दूसरे से मिलकर एजुकेशन प्रोग्राम्स चलाने चाहिए ताकि दोनों को फायदा हो। AMU के जो विभाग अच्छे हैं उनसे जामिया को फायदा हो और जामिया के जिन विभागों का काफी नाम है उनसे AMU फ़ायदा उठाये। दोनों कुलपति आपसी सहयोग के लिए जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर भी करेंगे।

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