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अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय में युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन 

अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय (अमुवि) के यूनिवर्सिटी डिबेटिंग एंड लिटरेरी क्लब (यूडीएलसी) ने 29 सितम्बर 2017 को युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन विश्विद्यालय के स्ट्रेची हॉल में किया. यह प्रतियोगिता ‘संसदीय कार्य मंत्रालय’ की ओर से देश के सभी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में आयोजित कराया जाना था.   
इस कार्यक्रम में कुल 55 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. स्ट्रेची हॉल को संसद की तर्ज पर सजाया गया था. सरकार, विपक्ष एवं सभापति की बैठने की जगह बिलकुल सदन के रूपरेखा को ध्यान में रख कर तय की गई थी. सरकार के सांसद सदन में दाहिनी ओर और विपक्ष के सांसद सदन के बाएँ ओर बैठे थे. 

सदन की कार्यवाही प्रतिज्ञान की शपथ से शुरू हुई जहाँ नए सांसदों को सदन में शामिल किया गया. इसके बाद प्रधानमंत्री (वजाहत मोनाफ़ जिलानी) एवं नेता विपक्ष (कुमैल हैदर) ने सदन में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक श्री यश पाल की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया. ज्ञात हो कि पद्म विभूषण प्रो यश पाल का देहांत इसी वर्ष 24 जुलाई को नॉएडा में हुआ था.

इसके बाद प्रश्नकाल में सांसदों ने अनेक मुद्दों पर सरकार से सवाल किए. विपक्ष ने लघु उद्योग की बिगड़ती स्थिति, भारत में चीन की बढ़ती घुसपैठ से लेकर बाढ़ की वजह से मारे गए लोगों एवं राहत कार्य में देरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा. वहीँ सरकार के सांसद भी अपनी बात पर अड़े रहें और विपक्ष की नेताओं को अपनी उपलब्धियां गिनवाई. 

इसके बाद सदन में महिला आरक्षण विधेयक का प्रस्ताव रखा गया जिसपर विपक्ष के सांसदों ने सरकार का जम कर विरोध किया. कई सांसदों ने सरकार के मंत्रियों से इस विधेयक को लेकर सवाल जवाब किए. मामला इतना बढ़ गया कि सभापति महोदया (युसरा खान) को विपक्ष के नेताओं पर फटकार लगानी पड़ी. अंत में यह विधेयक बहुमत के साथ पारित हुआ. सदन को स्वच्छ भारत शपथ एवं राष्ट्रगान के बाद स्थगित कर दिया गया. 

इस पूरे प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर डॉ मोहिबुल हक ने छात्रों को संसदीय कार्य समझने एवं जानने की ज़रूरत बताई एवं छात्रों का प्रोत्साहन किया. इस प्रतियोगिता के जज डॉ अनुपम आचार्या और डॉ नमिता सिंह ने छात्रों को उनके परिश्रम एवं शिष्टाचार से प्रभावित होकर बधाई दी. अंत में जजों ने मिलकर छह विजेताओं के नाम घोषित किए. युवा संसद के विजेता शाज़िया इमाम, वजाहत जिलानी, मोहम्मद आसिफ अखलाक़, उमैर खान, अहब अथर, मो आलम रहे . इन सभी विजेताओं को संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से पुरस्कार दिया जाएगा. सभी जजों को अमुवि के कल्चरल एजुकेशन सेंटर के कोऑर्डिनेटर प्रो शीरानी की ओर से स्मृति चिन्ह पेश किया गया.

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