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दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली है यूपी के इस शहर की हवा

मुरादाबाद जनपद में पिछले दो दिन से लगातार छाई धुंध से गुरुवार को भले ही लोगों को कुछ राहत मिली हो, लेकिन जहरीली धुंध के असर से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है.

डेली एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद जिला प्रदूषण के मामले में पहले नंबर पर है. इसके बाद गाजियाबाद जिले का नंबर आता है. तीसरे नंबर नोएडा है. वहीं हावड़ा चौथे और देश की राजधानी दिल्ली पांचवें नंबर पर है.

जिले के तीन स्थानों पर लगाए गए डाटा सैम्पलर में दर्ज प्रदूषण के आंकड़े भयावह तस्वीर की तरफ इशारा कर रहे हैं. प्रदूषण का स्तर 500 प्रति घन मीटर से ऊपर पहुंचने के बाद जानकार भी इसके प्रभावों को लेकर हैरान हैं.हमारा फेसबुक पेज लाइक कीजिये

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्थानीय प्रोजेक्ट ओर डाटा मॉनिटर कर रही हिन्दू कालेज की प्रोफेसर अनामिका त्रिपाठी के मुताबिक महानगर के लाजपतनगर इलाके में हालात सबसे ज्यादा बदतर हैं. प्रदूषण के लिहाज से लाजपतनगर का प्रदूषण स्तर ब्लाइंड जोन में पहुंच गया है. महानगर के इम्पीरियल चौराहे ओर पीएसी तिराहे पर प्रदूषण का स्तर कम पाया गया है, लेकिन वह भी प्रदूषण के लिहाज से अत्यधिक ज्यादा है.

मुरादाबाद मे दर्ज डाटा में कार्बनिक तत्वों की अधिकता पाई गई है. जिसके पीछे इलेक्ट्रानिक कचरा जलाए जाने और पीतल फैक्ट्रियों की अधिकता होने की आशंका जताई जा रही है. कार्बन मोनो ऑक्साइड के साथ-साथ ओजोन की अधिकता होने के चलते प्रदूषण का स्तर लोगों के लिए जानलेवा बन चुका है.सेहत के जानकार भी प्रदूषण के इस स्तर को लोगों के लिए खतरनाक बता रहे हैं. ऐसे में प्रशासन द्वारा अवैध फैक्ट्रियों पर लगाम ना लगाए जाने और इलेक्ट्रानिक कचरा माफियाओं को संरक्षण देने का नुकसान लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

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