लेख/मंथन

​फिरकापरस्त ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देना सिर्फ बामसेफ के बस की बात है चौधरी जावेद अहमद खान

सांथा-संत कबीर नगर: बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. वामन मेश्राम साहब के कार्यक्रम में लाखों मुसलमान शामिल होते है | लाखो शिख धर्मी शामिल होते है | लाखों लिंगायत धर्मी शामिल होते है | लाखों बुध्दीस्ट लोग शामिल होते है | 
उनके हर एक कार्यक्रम में लाखों की संख्या में लोग शामिल होते है | क्यों? क्योंकी, भारत के लोग अब यह बात अच्छी तरह से जानने लगे है की, यही वो आदमी है जो व्यवस्था परिवर्तन करणे की ताकद रखता है |
बामसेफ ने अब इतने आॅफशुट विंग बनाये है की, अब बामसेफ को रोखना मुश्किल ही नही नामुमकिन है | ड़ाॅ. बाबासाहब आंबेड़कर और हमारे महापुरुष जो आंदोलन चलाना चाहते थे | वही बामसेफ भी चला रहा है | बामसेफ जैसा राष्ट्रव्यापी संगठन सिर्फ एक जाती का ही आंदोलन चलाता चाहे वो जात कौनसी भी हो.! तो वो सिर्फ गलीकुचे में ही नजर आता | लेकीन बामसेफ ने ऐसा किया नही | 

जो लोग ब्राह्मणी व्यवस्था से पिड़ीत है | उन सबको बामसेफ ने एक करके उनको एक ही मंच पर लाने का काम किया | बामसेफ मे लोगों की सिर्फ एक ही पहचान है ‘मूलनिवासी’.! ईस मूलनिवासी शब्द की वजह से ही विदेशी ब्राह्मणों में हड़कंप मचा हुआ है |
भारत में आनेवाले समय में सिर्फ बामसेफ ही विषमतावादी ब्राह्मणी व्यवस्था को खत्म करके समता, स्वतंत्रता, न्याय और भाईचारे पर आधारित समाज और राष्ट्र का निर्माण करेगा | यह बात मै दावे के साथ कह सकता हूं।

Comments

comments

Most Popular

To Top